Sunday, 1 May 2016

दिल से कुछ अलफ़ाज़




हम रूठे है उनसे हमें युही रूठा रहने दो ,
दिल कह तोह रहा है बात कर लो लेकिन हमें युही चुप रहने दो ,
कल तक जो दिल धड़कता था इस सीने की तिजोरी में ,
आज उसने भी धड़कना बंद कर दिया इस उल्फत की नगरी में .......




दिल में धड़कन है लेकिन कोई ज़ुबा नहीं ,
होठों में हसी तोह है लेकिन वो बात नहीं ,
कहते थे रखेंगे ख्याल मेरा हर उस भीड़ के अफ़साने में,
लेकिन छोड़ गए वो हमें अपनी यादो के फ़साने में .......

Monday, 25 April 2016

जैसे हो वैसे ही रहो



एक इंसान किस किस तरह का हो सकता है, मुझे नहीं पता था की इतने रूप होते है एक ही इंसान के ,सच बताऊँ तोह आज एक इंसान के उप्पेर मेरा खून खौलरा है ,पता है क्यों क्यूंकि कल तक वो इंसान मुझे बेपन्हा प्यार करता था ,मेरी चिंता करता था और आज मेरी एक छोटी  सी गलती क वजह से उसने मुझे इतने गन्दी गन्दी बातें सुना दी,भला कोई ऐसा करता है क्या ,एक दिन इतना प्यार और दूसरे ही दिन आप कौन,लकिन आपको पता है उसके इतनी बुरे तरीके से बोलने के बावजूद मैंने उससे कई ज्यादा अच्छे से और प्यार से बोला ,फिर धीरे धीरे उसने भी अपनी बातोँ में सुधार कर लिया ,तोह बस फिर क्या होना था होने लगी हमारी अच्छे से बात ,अब किसी न किसी को झुकना ही था सब सही करने के लिए ,मैंने कुछ नहीं बोला ,बस देख लिया की वो इंसान जिसे में एक अच्छे इंसान समजती थी उसका एक और रूप देख लिया ,और मुझे लग रा की में आज तक ऐसा इंसान क साथ थी और सायद अभी भी हूँ ,क्या करूँ छोड़ भी नहीं सकते ,वादा जो किया था कभी नहीं छोड़ने का   तोह मैँ तोह अपना फ़र्ज़ निभाऊँगी ही क्यूंकि मैँ,मैँ जो हूँ मैँ वह नहीं बनना चाहती जो उससे उसी की भाषा में बात करें |
और आज तोह मैंने देख भी लिया की अच्छा होना सच में अच्छा होता है ,उस इंसान से अच्छे से बात करके ,झुक के ,उसकी सारी बातें मन के ,अपनी सारी चीज़ो को साइड में रख के ,और सच बताऊँ तोह आज सायद उसे कोई फर्क भी नहीं पड़ रहा होगा ,वो सोच भी नहीं रहा होगा की उसने उस इंसान से ऐसे बात करी जो कल तक बहुत इम्पोर्टेन्ट था उसके लाइफ में ,
कोई नहीं उससे मैंने एक चीज़ तोह सीख ली की आप जैसे हो वैसे ही रहो ,जब कुछ अच्छा करते हो तोह ख़ुशी आपको ही मिलती है |

बस युही दिल की बात



मुझे पसंद है तेरा साथ रहना,
मुझे पसंद है तेरा साथ रहना ,

खुद चुप रह कर,
तेरी बातें सुन्ना ,
कभी कभी लड़ जाना तोह कभी ,
बेवजह गुस्सा करना ,
रूठने पर मनना ,
तेरा जाने के बाद याद करना ,
याद करके आंसू  बहाना,
मिस यू लव यू के मैसेज करना ,
मिलने पर गले लगाना,
गले लग कर फोटो खींचना ,
दिन ढलने के बाद उसे देखना,
और देख देख कर युही मुस्कुराना .....

मुझे पसंद है तेरे साथ रहना,
मुझे पसंद है तेरे साथ रहना ......

छोटी सी कोशिश




बहुत अजीब सी बात है आज मुझे रेडियो की स्क्रिप्ट लिखना के बहुत मन कर रहा है पता है क्यों आज जैसे ही सुबह के ७ बजे मैँ सो ही रही थी की पापा ने एकदम से रेडियो बजा दिया ,वैसे मुझे इतना ज्यादा रेडियो सुनने के शौक नहीं है क्यूंकि आज कल रेडियो मैँ कुछ अच्छ सुनने को मिलता नहीं है बस ऐड सुन लो ,लकिन उस दिन एक रेडियो जॉकी बोल रा था और मुझे बहुत अच्छा  लगा मूड भी अच्छ हो गया ,मुझे ये तोह याद नहीं की कौन था क्यूंकि अधि नींद मे थी ,तोह बस फिर उठते ही मेरा मन हुआ की चलो आज हम भी रेडियो की स्क्रिप्ट लिखने की कोशिश करते है मे ये पहली बार लिख री हूँ कुछ गलती हो तोह माफ़ करियेगा |
सुरु करती हूँ ,
      हेलो ,नमस्ते ,ससरिकाल ,आदाब टू एवरीवन दिस इस अंजलि एंड यू आर लिसनिंग रेडियो मिर्ची ९८.३ अफ्म इट्स हॉट ,अच्छा आज का मौसम देखा बहुत मसय है न ,तोह सोचा है आज क्या करोगे ऐसे मौसम मे ,अगर नहीं सोचा है तोह कोई नहीं अभी सोच लो वैसे मैँ तोह कहूंगी घर मैँ ही बैठो और चाय का आनंद लो ,और अगर चाय के साथ पकोड़े और पकोड़े के साथ अगर चटनी मिल जाये तोह वाह जी वाह क्या बात है दिन ही बन जाये ,क्या सुन कर पानी आ गया न ,आ गया है तोह बैठे बैठे क्या कर रे उठो और जाओ बनओ जाके,मज़े मैँ खाओ ,तभ तक मैँ भी खा के आती हूँ और आप बनाते बनाते सुनिए ये गाना - मोहब्बत बरसा दे न तू मौसम आया है ......
हाँ तोह ये थी छोटी सी कोशिश स्क्रिप्ट लिखने की ,अगर आपको ये छोटी सी कोशिश पसंद आए तोह ज़रूर बताइयेगा अगर नहीं तोह कोई बात नहीं | 

मैँ

में अपने ब्लॉग की सुरुवात अपने आपको बता कर करना चाहती हूँ  की में कौन हूँ ,|मगर सच बताऊँ तोह अगर लोग मेरा बारे में बताएं तोह ज्यादा बेहतर लगेगा मुझे ,सायद वो मेरा बारे में ज्यादा अच्छे से बता सख्ते है क्यूंकि वो मेरा साथ रहे है ,टाइम स्पेंड किया है और बेहेवियर भी जाना होगा नहीं तोह खुद के लिए कभी कोई गलत नहीं होता .
लकिन कभी कभी कुछ चीज़े कंफ्यूज कर देती है सोचने में मजबूर कर देती है की लोगो से क्या पुछोँ भाई उनकी अपनी अलग सोच है ,वो तोह कोई न कोई कमी निकाल ही देंगे ,क्यूंकि वो भी दूसरे की तरह अपने आपको ही सही मानते होंगे .
चलो अब जो भी हो ज्यादा नहीं पर थोड़ा बहुत तोह बता ही सकती हूँ की में क्या सोचती हूँ अपने बारे में ,सच बताऊँ तोह आज की डेट में मै अपने आपसे खुश नहीं हूँ ,जो सोचती हूँ  वो कर नहीं पती,जैसा सोचती हूँ उसे वैसा नहीं कर पती ,और इसके पीछा की कोई और वजह नहीं है ,एक यही तोह है जो यतो ,बहुत ख़ुशी दे सकता या तोह आपको तोड़ कर रख सकता है 'दिल' हाँ हाँ ये दिल जिसने आज तक कभी भी अपने बारे में सोचा तक नहीं ,हमेशा दूसरे क्या कहते है ,जैसे कहते है वैसा ही तोह करते आई हो हमेशा ,दूसरों की गलती में भी खुद की गलती धौंडना ,हमेशा खुद ही झोुखना चाहें गलती हो न हो ,और ये सब सिर्फ इसलिए की कहीं में उस इंसान को खो न दूँ ,कभी भी किसे चीज़ का लिए लड़ना नहीं खुद को क्या चाहिए ये भी कभी बोल नहीं ,ये यही तोह था मेरा दिल ,हाँ भाई हाँ ये था अब इतना ज़िन्दगी जी ली है की इतना तोह समाज में आ ही गया  है की आज के डेट में मुंह खोलना कितना ज़रूरी है ,फिर चाहें वो गलत क लिए हो या ,कुछ पाने  क लिए,हाँ वो बात अलग है की अभी अपने आपको पुरे तरह बदल नहीं पाई हूँ लेकिन कोशिश पूरी है ,और उम्मीद है की में अपने आपको जल्द ही बदल लूँ ,बस अभी के लिए इतना ही आगे अगर मेरा में कोई चेंज आया और कुछ बड़ा करा अगर मैंने इस चेंज के बाद तोह ज़रूर आपसे शेयर करूंगी |