एक इंसान किस किस तरह का हो सकता है, मुझे नहीं पता था की इतने रूप होते है एक ही इंसान के ,सच बताऊँ तोह आज एक इंसान के उप्पेर मेरा खून खौलरा है ,पता है क्यों क्यूंकि कल तक वो इंसान मुझे बेपन्हा प्यार करता था ,मेरी चिंता करता था और आज मेरी एक छोटी सी गलती क वजह से उसने मुझे इतने गन्दी गन्दी बातें सुना दी,भला कोई ऐसा करता है क्या ,एक दिन इतना प्यार और दूसरे ही दिन आप कौन,लकिन आपको पता है उसके इतनी बुरे तरीके से बोलने के बावजूद मैंने उससे कई ज्यादा अच्छे से और प्यार से बोला ,फिर धीरे धीरे उसने भी अपनी बातोँ में सुधार कर लिया ,तोह बस फिर क्या होना था होने लगी हमारी अच्छे से बात ,अब किसी न किसी को झुकना ही था सब सही करने के लिए ,मैंने कुछ नहीं बोला ,बस देख लिया की वो इंसान जिसे में एक अच्छे इंसान समजती थी उसका एक और रूप देख लिया ,और मुझे लग रा की में आज तक ऐसा इंसान क साथ थी और सायद अभी भी हूँ ,क्या करूँ छोड़ भी नहीं सकते ,वादा जो किया था कभी नहीं छोड़ने का तोह मैँ तोह अपना फ़र्ज़ निभाऊँगी ही क्यूंकि मैँ,मैँ जो हूँ मैँ वह नहीं बनना चाहती जो उससे उसी की भाषा में बात करें |
और आज तोह मैंने देख भी लिया की अच्छा होना सच में अच्छा होता है ,उस इंसान से अच्छे से बात करके ,झुक के ,उसकी सारी बातें मन के ,अपनी सारी चीज़ो को साइड में रख के ,और सच बताऊँ तोह आज सायद उसे कोई फर्क भी नहीं पड़ रहा होगा ,वो सोच भी नहीं रहा होगा की उसने उस इंसान से ऐसे बात करी जो कल तक बहुत इम्पोर्टेन्ट था उसके लाइफ में ,
कोई नहीं उससे मैंने एक चीज़ तोह सीख ली की आप जैसे हो वैसे ही रहो ,जब कुछ अच्छा करते हो तोह ख़ुशी आपको ही मिलती है |