बहुत अजीब सी बात है आज मुझे रेडियो की स्क्रिप्ट लिखना के बहुत मन कर रहा है पता है क्यों आज जैसे ही सुबह के ७ बजे मैँ सो ही रही थी की पापा ने एकदम से रेडियो बजा दिया ,वैसे मुझे इतना ज्यादा रेडियो सुनने के शौक नहीं है क्यूंकि आज कल रेडियो मैँ कुछ अच्छ सुनने को मिलता नहीं है बस ऐड सुन लो ,लकिन उस दिन एक रेडियो जॉकी बोल रा था और मुझे बहुत अच्छा लगा मूड भी अच्छ हो गया ,मुझे ये तोह याद नहीं की कौन था क्यूंकि अधि नींद मे थी ,तोह बस फिर उठते ही मेरा मन हुआ की चलो आज हम भी रेडियो की स्क्रिप्ट लिखने की कोशिश करते है मे ये पहली बार लिख री हूँ कुछ गलती हो तोह माफ़ करियेगा |
सुरु करती हूँ ,
हेलो ,नमस्ते ,ससरिकाल ,आदाब टू एवरीवन दिस इस अंजलि एंड यू आर लिसनिंग रेडियो मिर्ची ९८.३ अफ्म इट्स हॉट ,अच्छा आज का मौसम देखा बहुत मसय है न ,तोह सोचा है आज क्या करोगे ऐसे मौसम मे ,अगर नहीं सोचा है तोह कोई नहीं अभी सोच लो वैसे मैँ तोह कहूंगी घर मैँ ही बैठो और चाय का आनंद लो ,और अगर चाय के साथ पकोड़े और पकोड़े के साथ अगर चटनी मिल जाये तोह वाह जी वाह क्या बात है दिन ही बन जाये ,क्या सुन कर पानी आ गया न ,आ गया है तोह बैठे बैठे क्या कर रे उठो और जाओ बनओ जाके,मज़े मैँ खाओ ,तभ तक मैँ भी खा के आती हूँ और आप बनाते बनाते सुनिए ये गाना - मोहब्बत बरसा दे न तू मौसम आया है ......
हाँ तोह ये थी छोटी सी कोशिश स्क्रिप्ट लिखने की ,अगर आपको ये छोटी सी कोशिश पसंद आए तोह ज़रूर बताइयेगा अगर नहीं तोह कोई बात नहीं |
No comments:
Post a Comment